कालेज आफॅ कामर्स आर्ट्स एण्ड साइंस पटना में ‘रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी के अंतरराष्ट्रीय वर्ष’ विषय पर गुरुवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि मानव जीवन को रसायन शास्त्र से अलग कर के नहीं देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आवर्त सारणी, रासायनिक तत्वों को उनकी विशेषताओं के साथ सारणी के रूप में दर्शाने की एक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आवर्त सारणी में 118 ज्ञात तत्व सम्मिलित हैं जो मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। सेमिनार का विषय प्रवेश कराते हुए रसायन के विभागाध्यक्ष प्रो. ए. के. नाग ने बताया कि आवर्त नियम सब से पहले रूसी रासायन शास्त्री ‘मेंडलीफ’ ने सन 1869 में प्रस्तुत किया तथा इसके कुछ माह बाद जर्मन वैज्ञानिक लोथर मेयर ने भी स्वतंत्र रूप से आवर्त सारणी का निर्माण किया। 
सेमिनार को संबोधित करते हुए भौतिकी के प्रो. ए. के. भास्कर एवं सेमिनार की संयोजक डॉ. डिम्पल कुमारी ने भी अपने विचार रखे। सेमिनार के तकनीकी सत्र में प्रो. कल्पना शाही, प्रो. सत्येंद्र नारायण और प्रो. ए. क. नाग ने पावर प्रिजेन्टेशन के माध्यम से रासायनिक तत्वों की आवर्त सारणी के विभिन्न रूपों और गुणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में छात्रों ने भी पावर प्रिजेन्टेशन के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रो. जय मंगल देव, प्रो. बिन्दु सिंह, प्रो. एम. जेड. आलम, डॉ. अभय कुमार, प्रो. शिव कुमार यादव, डॉ. संगीता सिंहा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र – छात्राएं उपस्थित थे