इन दिनों प्रदूषण पूरे देश की सबसे बड़ी समस्या है। दिल्ली समेत भारत के अधिकांश महानगरों की हवा सांस लेने लायक नहीं रही है। प्रदूषण के कारण कई जगहों पर पब्लिक हैल्थ इमरजेंसी घोषित की गई। हमारा पटना भी इसमें पीछे नहीं रहा। छठ में पटना का भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 से ऊपर चला गया, जो बेहद खतरनाक है। इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। अब पटना नगर निगम क्षेत्र के साथ दानापुर, फुलवारी और खगौल नगर परिषद क्षेत्र में 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगा दिया गया है और इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा यह भी फैसला लिया गया है कि पटना नगर निगम क्षेत्र में 31 जनवरी 2021 की मध्य रात्रि से डीजल से चलने वाले ऑटो को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। वहीं 31 मार्च से दानापुर, खगौल और फुलवारी में डीजल इंजन वाले ऑटो का परिचालन बंद होगा। साथ ही राज्य सरकार इसे और प्रभावी बनाने के लिए सीएनजी चालित वाहनों को प्रोत्साहन और उसके लिए सब्सिडी दे रही है।

क्यों उठाया गया ये कदम 

राजधानी पटना में वायु प्रदूषण का स्तर दिन—ब—दिन बढ़ता जा रहा है, जबकि यहां कोई कल—कारखाना भी नहीं है। शहर में प्रदूषण का मुख्य कारण मोटर वाहनों का धुआं है। इसलिए यहां इस प्रकार का कदम उठाया गया है। कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद और परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि पटना और आसपास में डीजल इंजन चालित ऑटो की संख्या 10 हजार से अधिक है, जो यहां पर प्रदूषण का मुख्य श्रोत है। साथ ही मुजप्फरपुर और गया में प्रदूषण स्तर के आकड़े जुटाए जा रहे हैं, जिससे वहां भी सही कदम उठाया जा सके।

किसको कितना मिलेगा सब्सिडी 

बिहार स्वच्छ ईंधन योजना 2019 के तहत ऐसे वाहन मालिकों को अपने ऑटो
की सीएनजी किट रेट्रोफिटिंग में बदलने या बैट्रीचालित वाहन खरीदने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए हर वाहन मालिक को सरकार 20 हजार से 40 हजार रुपए तक सब्सिडी देगी। सरकार ने इसके लिए 30 करोड़ का बजट रखा है, जरूरत के मुताबिक इसे और भी बढ़ाया जा सकता है। इस योजना का लाभ पेट्रोल चालित ऑटो मालिकों को भी मिलेगा। निर्धारित योजना के अनुसार 7 सीट वाले डीजल चालित ऑटो की जगह सीएनजी चालित वाहन के लिए 40 हजार रुपए। 7 सीट वाले डीजल चालित ऑटो की जगह बैटरी चालित वाहन के लिए 25 हजार रुपए। 7 सीट वाले डीजल चालित ऑटो में सीएनजी रेट्रोफिटिंग किट के लिए 20 हजार रुपए। वहीं मोटर कैब या मैक्सी कैब को सीएनजी रेट्रोफिटिंग किट में बदलन के लिए 20 हजार रुपए का सब्सिडी दिया जाएगा।

मार्च तक खोले जाएंगे 10 सीएनजी स्टेशन 

अगले वर्ष मार्च तक पटना में 10 सीएनजी स्टेशन खोलने का लक्ष्य रखा गया है। सीएनजी चालित वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए यह एक सराहनीय कदम है। पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार सीएनजी और बैट्री चालित वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है। पटना में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। वर्तमान में पटना में केवल दो ही सीएनजी स्टेशन हैं।

पुराने वाहनों को किया जाएगा नष्ट 

15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को नष्ट करने के लिए राज्य सरकार स्क्रैप पॉलिसी ला रही है। परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार भी इस योजना पर काम कर रही है। योजना का ड्राफ्ट राज्य सरकार को भेजा गया है। इससे अब 15 वर्ष के अधिक पुराने सरकारी वाहनों की खरीद—बिक्री नहीं होगी। ऐसे वाहनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा।

क्यों है भयावह स्थिति 

इन दिनों राजधानी दिल्ली समेत गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा जैसे भारत के कई शहर हैं जहां पर पब्लिक हैल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। यहां तक की बिहार के पटना, मुजप्फरपुर, गया जैसे शहर भी पीछे नहीं हैं। छठ के समय में गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 868, सबसे अधिक दर्ज हुआ। साथ ही गुरुग्राम का औसतन 737, दिल्ली का 625, फरीदाबाद का 501 और नोएडा का 667 दर्ज किया गया। वहीं पटना समेत गया व मुजप्फरपुर का एक्यूआई भी 400 से अधिक दर्ज किया गया। दीपावली व छठ में इसमें और अधिक बढोतरी हुई जो पटना में 414 था। आपको बता दें कि 50 से 100 तक एक्यूआई ठीक होता है। अगर यह 400 से ऊपर चला जाए तो यह बेहद खतरनाक होता है, जिसमें सांस लेना स्वास्थ्य के लिए कई तरह से हानिकारक है। आज बड़े शहरों की स्थिति इतनी बिगड़ रही है कि लोग अब वहां से दूर बसने की सोच रहे हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो अब जल्द ही शहर की ओर से लोगों का पलायन गांव की ओर होगा।